उत्तर प्रदेशऔरैया

श्री राम मंदिर निर्माण में लोगों ने किया दिल खोलकर समर्पण

दिबियापुर (औरैया) श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास निधि समर्पण अभियान जनपद औरैया का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक दीपक जी विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री/जिला अभियान प्रमुख योगेश्वर पांडेय, विहिप जिला संगठन मंत्री पुष्कर मिश्रा व महामंत्री भाजपा युवा मोर्चा दिबियापुर/नगर अभियान के प्रमुख पूर्णकालिक कार्यकर्ता अमित तिवारी (रवि) ने किया।
स्वयंसेवकों द्वारा गाये गीत “समय आ गया रामलला के मंदिर के निर्माण का। आओ मिलकर कर्ज चुकाए सदियों के बलिदान का।” इसी गीत के साथ निधि समर्पण अभियान का शुभारंभ किया गया।
विहिप के जिला मंत्री योगेश्वर पांडेय के नेतृत्व मे दिबियापुर नगर की समस्त बस्तियों में बस्ती प्रमुख के साथ जाकर घरों से निधि समर्पण के लिए रसीद काटकर व कूपन वितरित कर धन संग्रह किया।
इस अवसर पर जिला प्रचारक दीपक जी ने कहा कि भारत की आत्मा में है समरसता, भारत की संजीवनी है समरसता। इसी भाव को संजोए यह निधि समर्पण अभियान है। राम मन्दिर निधि समर्पण अभियान केवल धन संग्रह के लिए नहीं वरन सम्पूर्ण विश्व को भारत के दर्शन व चिंतन से अवगत कराने का है। यह अभियान गांवों, वनों व नगरों में रहने वाले रामभक्तों तक पुनः पहुंचने का है जिन्होंने राम मंदिर आन्दोलन के समय प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका निभाई थी। राम जी ने 14 वर्ष का वनवास समरसता के भाव को पुष्ट करने के लिए है। राम सबके हैं सब राम के हैं यही भाव वनवास के समय व्यक्त हुआ।
विहिप जिला संगठन मंत्री पुष्कर मिश्रा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि व श्रीराम एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों मिलकर पूर्णता के भाव को जाग्रत करते हैं। भगवान राम का सम्पूर्ण जीवन समरसता का साकार रूप है। इसलिये श्रीराम ने केवट व निषादराज को अपना मित्र बनाया। पक्षीराज जटायु का अंतिम संस्कार करके पिता तुल्य सम्मान दिया। शबरी के झूठे बेर खाकर उन्हें मातातुल्य सम्मान दिया। 14 वर्ष के वनवास में भीलों व वनवासियों के बीच मे रहकर उन्हें संगठित करके लंका में भी रामराज्य की स्थापना की। यदि श्री राम को 14 वर्ष का वनवास न होता, यदि वे वनवासियों के बीच न रहे होते तो वह सिर्फ राजाराम ही होते। वनवासियों के साथ रहने के कारण ही भगवान राम बने। उन्होंने आगे कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रोटी व कमल प्रतीक बने थे। अब रामराज्य की स्थापना के लिए भगवान राम व अयोध्या प्रतीक बनेंगे। भगवान राम का दिया हुआ भगवान राम को समर्पित करने का प्रतीक और यही समर्पण की भावना नए भारत का निर्माण करेगी जिससे राम राज्य का उदय होगा।
महामंत्री भाजयुमो दिबियापुर व निधि समर्पण अभियान के नगर प्रमुख पूर्णकालिक कार्यकर्ता अमित तिवारी (रवि) ने कहा कि राम का दिया हुआ राम जी को देने का समय आ गया है। सभी को राम मंदिर के लिए अपना समर्पण अवश्य करना चाहिए।

इस अवसर पर संघ के जिला संघचालक रनवीर सिंह, जिला कार्यवाह जीवाराम, नरेश भदौरिया, रामकिशोर वर्मा, रविशंकर गुप्ता, समाजसेवी राघव मिश्रा, अनिल दीक्षित, आशीष चौबे, नगर प्रचारक सोमेंद्र जी, नगर कार्यवाह अनिल शुक्ला, नवीन अवस्थी प्रधानाचार्य, सुभाष शुक्ला, सर्वेश भदौरिया, सुवेंद्र सिंह, रवि शर्मा, अभिनंदन राठौर, विजय वर्मा, कन्हैया पांडेय, राजा भदौरिया, अवनीत तिवारी, आशीष चतुर्वेदी, पवन भदौरिया, शरद शुक्ला, आशीष पांडेय, एवं दिबियापुर नगर की संघ की दृष्टि से सात बस्तियों के प्रमुख विवेकानंद बस्ती कुलदीप, दीनदयाल बस्ती विनीत, अम्बेडकर बस्ती योगेश, रामकृष्ण बस्ती अवधेश शुक्ला, सुभाष बस्ती ऋषि शुक्ला, इन्दिरा बस्ती संजीव दुबे, आजाद बस्ती श्याम जी आदि उपस्थित रहे।

इन्होंने किया समर्पण

नगर दिबियापुर का निधि समर्पण अभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक रनवीर सिंह से 51000 रूपये सहयोग राशि मंदिर निर्माण के लिए देकर शुभारम्भ हुआ। इसके बाद नगर के शिवकुमार तिवारी ने 11000, सुनीता देवी ने 11000, प्रभा दीक्षित ने 11000, अनूप कुमार ने 11000, अनूप त्रिपाठी ने 11111, अरविंद शुक्ला विधुत ठेकेदार ने 11000, रमेश चंद्र तिवारी पूर्व प्रधानाचार्य ने 11000, रंजीत पोरवाल ज्वैलर्स ने 11000, दयाराम प्रजापति ने 11001, अरूण पोरवाल लक्ष्मी गारमेंट्स ने 11111, अखिलेश शुक्ला पूर्व प्रधान दखलीपुर ने 11111, शुभम त्रिपाठी नोबेल एकेडमी आफ फायर एंड सेफ्टी ने 11001, देवेंद्र पोरवाल ज्वैलर्स ने 11001 आदि लोगों ने मंदिर निर्माण में सहयोग किया।

रिपोर्टर : कुलदीप पोरवाल

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